हरियाणा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में निर्वाचन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में चल रहे फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संशोधित कार्यक्रम के तहत अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी अपराजिता ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली और कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना और यह देखना था कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार के पंजीकरण से वंचित न रहे।
डीसी अपराजिता ने स्पष्ट किया कि यद्यपि जिले में पुनरीक्षण से संबंधित अधिकांश कार्य संपन्न हो चुका है, लेकिन डेटा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोबारा जांच और क्रॉस-चेकिंग अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे प्रत्येक प्रविष्टि का सूक्ष्मता से निरीक्षण करें ताकि किसी भी प्रकार की लिपिकीय या तकनीकी अशुद्धि को समय रहते दूर किया जा सके। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है कि मतदाता सूची पूरी तरह से त्रुटिमुक्त और अद्यतन हो।
संशोधित कार्यक्रम और समय-सीमा का विवरण
भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को एक सुव्यवस्थित समय-सारणी के तहत पूरा किया जा रहा है। इस बार 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग तिथि माना गया है, जिसका अर्थ है कि उस तिथि तक जो भी युवा 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेंगे, वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के पात्र होंगे।
| प्रक्रिया का चरण | निर्धारित अंतिम तिथि |
|---|---|
| दावे एवं आपत्तियों का निपटान | 20 नवंबर 2024 |
| डेटाबेस अपडेट और फोटोग्राफ मिलान | 25 नवंबर 2024 |
| मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन | 30 नवंबर 2024 |
| क्वालिफाइंग पात्रता तिथि | 01 जुलाई 2026 |
प्रशासनिक सतर्कता और अधिकारियों को दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान डीसी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को विशेष हिदायतें दी हैं। इसी कड़ी में, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि नोटिस चरण और प्राप्त आपत्तियों का निपटारा पूरी पारदर्शिता के साथ 20 नवंबर तक कर लिया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बूथ स्तर पर जाकर बीएलओ (BLO) के कार्यों की भी निगरानी करें।
"एक शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची ही सशक्त लोकतंत्र की नींव होती है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का हर पात्र नागरिक इस सूची का हिस्सा बने और किसी भी मतदाता का विवरण गलत तरीके से दर्ज न हो। सभी संबंधित अधिकारी इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।" - डीसी अपराजिता, जिला निर्वाचन अधिकारी।
स्थानीय जनजीवन और नागरिकों पर प्रभाव
इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का सीधा प्रभाव आम नागरिकों, विशेषकर उन युवाओं पर पड़ेगा जो पहली बार मतदाता बनने जा रहे हैं। मतदाता सूची में नाम होने से न केवल मतदान का अधिकार मिलता है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र के रूप में भी कार्य करता है। प्रशासन द्वारा दी गई ढील और विस्तारित समय-सीमा से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिनके विवरण में सुधार की आवश्यकता थी या जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया था।
बैठक में एडीसी डॉ. सुशील कुमार, एसडीएम संजय कुमार और सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट सूची का अवलोकन करें और यदि कोई विसंगति है, तो निर्धारित तिथि से पहले उसे ठीक कराएं।
आगामी कदम और भविष्य की रणनीति
20 नवंबर तक आपत्तियों के निपटान के बाद, अगले 5-10 दिनों के भीतर फाइनल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। 30 नवंबर को होने वाला अंतिम प्रकाशन सभी मतदान केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इसके बाद, नई मतदाता सूची के आधार पर ही आगामी निर्वाचकीय गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। प्रशासन अब डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग कर रहा है ताकि मतदाता घर बैठे अपने नाम की पुष्टि कर सकें।




