पानीपत जिले के इसराना उपमंडल से कृषि विपणन और खरीद व्यवस्था को लेकर एक अहम ग्राउंड रिपोर्ट सामने आ रही है। स्थानीय इसराना अनाज मंडी परिसर इन दिनों धान की बंपर आवक से गुलजार है, लेकिन इसके साथ ही उठान की सुस्त चाल ने संबंधित व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। खरीद प्रक्रिया तो सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है, परंतु गोदामों या मिलों तक माल पहुंचाने की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है, जिससे मंडी में फसल का भारी ढेर जमा हो गया है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इसराना की इस मुख्य कृषि उपज मंडी में पिछले कुछ दिनों के दौरान पीआर धान की खरीद का आंकड़ा लगातार ऊपर जा रहा है। रविवार शाम तक के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मंडी में कुल 36,166 क्विंटल पीआर धान की बंपर आवक दर्ज की जा चुकी है। किसानों द्वारा लाई जा रही इस फसल को खरीदने के लिए सरकारी एजेंसियां और निजी खरीदार दोनों ही सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, लेकिन उठान के मोर्चे पर आ रही रुकावट ने पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया है।
खरीद और उठान का वस्तुस्थिति विश्लेषण
बाजार समिति के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो इसराना मंडी में सरकारी एजेंसी हैफेड ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए अब तक 28,712 क्विंटल पीआर धान की खरीद की है। इसके अतिरिक्त, खुले बाजार में सक्रिय प्राइवेट मिलरों द्वारा भी 6,825 क्विंटल धान खरीदा गया है। हालांकि खरीद के आंकड़े तसल्लीबख्श नजर आते हैं, लेकिन जब बात इस खरीदे गए स्टॉक को मौके से हटाने यानी उठान की आती है, तो तस्वीर चिंताजनक हो जाती है.
मंडी से अब तक कुल 28,130 क्विंटल धान का ही वास्तविक उठान हो सका है। इसमें हैफेड द्वारा खरीदे गए स्टॉक में से केवल 21,305 क्विंटल धान ही उठाया जा सका है, जबकि प्राइवेट मिलरों ने अपने कोटे का पूरा 6,825 क्विंटल धान तय समय में ठिकाने लगा दिया है। हैफेड के धीमे उठान के कारण ही मंडी परिसर में हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे या शैड के नीचे उठान का इंतजार करने को विवश है।
| विवरण (Parameter) | मात्रा (क्विंटल में) |
|---|---|
| कुल धान आवक (Total Arrival) | 36,166 |
| हैफेड द्वारा खरीद (HAFED Procurement) | 28,712 |
| प्राइवेट मिलर खरीद (Private Miller Purchase) | 6,825 |
| कुल धान उठान (Total Lifting Done) | 28,130 |
| हैफेड द्वारा उठान (HAFED Lifting) | 21,305 |
| उठान की प्रतीक्षा में स्टॉक (Pending Stock) | 7,407 |
बाजार समिति और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर पानीपत लाइव टीम ने जब प्रशासनिक तंत्र से बात की, तो मार्केट कमेटी के सचिव पवन नागपाल ने स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने स्वीकार किया कि हैफेड की तरफ से धान के उठान की रफ्तार वाकई उम्मीद के मुताबिक नहीं है। कमेटी कार्यालय की तरफ से लगातार संबंधित एजेंसी के अधिकारियों के संपर्क में रहकर उठान की गति में तेजी लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, ताकि किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परिवहन वाहनों (ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रालियों) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसपोर्टर्स को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। मार्केट कमेटी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि आने वाले दिनों में उठान का कार्य तय शेड्यूल के अनुसार तेजी से पूरा किया जाए ताकि मंडी परिसर में जगह खाली हो सके और नई आवक के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे।
"हैफेड द्वारा खरीदे गए धान का उठान धीमी गति से चल रहा है। हमने एजेंसी को गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और जब तक पूरा उठान नहीं होगा, किसानों का भुगतान नहीं हो पाएगा।" - पवन नागपाल, सचिव, मार्केट कमेटी इसराना
आढ़तियों की नाराजगी और भुगतान का पेच
इसराना अनाज मंडी के आढ़तियों और स्थानीय व्यापारियों में इस बात को लेकर गहरा रोष व्याप्त है कि जब तक मंडियों से खरीदे गए धान का शत-प्रतिशत भौतिक उठान नहीं हो जाता, तब तक सरकारी नियमों के तहत किसानों के खातों में फसल का सीधा भुगतान (Direct Payment) जारी नहीं किया जा सकता। वर्तमान में लगभग 7,407 क्विंटल पीआर धान अभी भी उठान की प्रतीक्षा में मंडी के विभिन्न हिस्सों में पड़ा हुआ है।
इस तकनीकी और प्रशासनिक देरी के कारण किसानों के पैसे का भुगतान भी अटका हुआ है, जिससे अन्नदाताओं में भी असमंजस की स्थिति बन रही है। किसानों का कहना है कि यदि उठान समय पर नहीं होगा तो उनकी अगली फसल की कटाई और भंडारण की योजनाएं भी प्रभावित होंगी। आढ़ती संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों में परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें उच्चाधिकारियों के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज करानी पड़ेगी।
भविष्य की रूपरेखा और प्रशासनिक कदम
इसराना अनाज मंडी में उत्पन्न इस गतिरोध को दूर करने के लिए अब जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और मार्केट कमेटी संयुक्त रूप से एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसके तहत ट्रकों के फेरे बढ़ाए जाने और मिलर्स को आवंटित कोटे का समयबद्ध उठान पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। 'पानीपत लाइव' की इस ग्राउंड रिपोर्ट के बाद उम्मीद की जा रही है कि संबंधित जिम्मेदार महकमे हरकत में आएंगे और किसानों तथा आढ़तियों को जल्द ही इस समस्या से राहत मिलेगी।




