पानीपत जिले के ग्रामीण आंचल में सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और नागरिकों को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) ने एक व्यापक पहल की शुरुआत की है। जिला न्यायालय परिसर से एक विशेष प्रचार सह जागरूकता मोबाइल वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सचल वाहन पूरे नवंबर माह में जिले के प्रत्येक गांव में जाकर ग्रामीणों को सीधे कानून की बारीकियों, साइबर सुरक्षा और बाल विवाह निषेध जैसे गंभीर विषयों पर शिक्षित करेगा।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक निशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्राधिकरण की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में कानून की समझ को विकसित करने और बाल अधिकारों की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित होगी।
कानूनी जागरूकता अभियान और मुख्य गतिविधियों का विवरण
| प्रमुख बिंदु | अभियान का विवरण |
|---|---|
| अभियान आयोजक | जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DLSA), पानीपत |
| रवानगी स्थल | जिला न्यायालय परिसर, पानीपत |
| मुख्य अतिथि/उद्घाटनकर्ता | वर्षा शर्मा (सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, DLSA) |
| पहले दिन कवर किए गए गांव | सिवाह एवं नांगलखेड़ी |
| प्रमुख विषय | बाल विवाह उन्मूलन, साइबर क्राइम बचाव, वृद्धजन सम्मान, सुरक्षित बचपन |
| विशेष आगामी कार्यक्रम | 27 नवंबर (बाल विवाह विरोधी दिवस पर विशेष ग्राम सभाएं) |
गांव-गांव पहुंचेगा चलता-फिरता जागरूकता केंद्र
सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) वर्षा शर्मा ने विशेष प्रचार वैन को झंडी दिखाकर जिले के ग्रामीण रूटों की ओर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मोबाइल वैन महज एक वाहन नहीं है, बल्कि ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए एक चलता-फिरता कानूनी परामर्श और चेतना केंद्र है।
अपने संबोधन में सीजेएम वर्षा शर्मा ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आज भी बहुत से नागरिक अपने मौलिक अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी संरक्षण के उपायों से अनभिज्ञ हैं। इस वैन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को 'वृद्ध जन सम्मान योजना' व उनके सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही, आधुनिक दौर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों से बचाव के गुर भी ग्रामीणों को सिखाए जाएंगे।
"समाज के प्रत्येक जरूरतमंद और अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति तक सुलभ व निशुल्क न्याय की जानकारी पहुंचाना डीएलएसए का मुख्य ध्येय है। कानून की अनभिज्ञता के कारण कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न रहे, इसी सोच के साथ यह मोबाइल वैन हर पंचायत का दौरा करेगी।"
- वर्षा शर्मा, सचिव व सीजेएम, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पानीपत
सिवाह और नांगलखेड़ी में पहले दिन दिखा अपार उत्साह
अभियान के शुभारंभ के तुरंत बाद प्रचार वैन पानीपत के ऐतिहासिक गांव सिवाह और नांगलखेड़ी पहुंची। दोनों ही गांवों में ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया और चौपालों पर आयोजित जागरूकता सत्र में बढ़-चढ़कर भाग लिया। डीएलएसए और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद स्थापित करते हुए उन्हें बाल विवाह जैसी सामाजिक बीमारी के दूरगामी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।
एमडीडी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक संजय कुमार ने इस दौरान बताया कि पूरे पानीपत जिले में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय एक विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस 100 दिवसीय पहल का मूल ध्येय बच्चों के बचपन को सुरक्षित करना और उन्हें शिक्षा व विकास का पूरा अवसर देना है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 27 नवंबर को 'अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह विरोधी दिवस' के अवसर पर पानीपत की विभिन्न पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें बाल विवाह मुक्त गांव बनाने के संकल्प पत्र और कड़े प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए जाएंगे।
सामाजिक संरचना और व्यवस्था पर अभियान का दूरगामी प्रभाव
पानीपत जिला कई बार सामाजिक बदलावों की मिसाल बनता रहा है। ऐसे में गांवों तक सीधे कानूनी वैन का पहुंचना वहां की पंचायत प्रणाली और सामाजिक ताने-बाने को और अधिक सशक्त बनाएगा। बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर अंकुश लगने से बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य स्तर में सुधार देखने को मिलेगा। इसके अलावा ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामलों में जिस तरह ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शिकार हो रहे थे, उन्हें इस वैन के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है।
ग्रामीणों को दी जा रही निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी से अदालतों तक सीधे पहुंचने और बिना किसी बिचौलिए के न्याय प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। स्थानीय पंचायतों ने प्रशासन और न्यायपालिका के इस साझे प्रयास की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
आगामी कार्ययोजना और प्रशासनिक तैयारियां
डीएलएसए के जारी रोस्टर के मुताबिक, नवंबर माह के प्रत्येक कार्यदिवस में वैन पूर्व-निर्धारित रूट पर रवाना होगी। वैन में कानूनी सहायकों, पैरा लीगल वालंटियर्स और विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी जो मौके पर ही ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला पुलिस प्रशासन भी इस 100 दिवसीय अभियान में अपना पूर्ण योगदान दे रहे हैं ताकि बाल विवाह की सूचना मिलते ही त्वरित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।




