त्योहारों के इस पावन और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर स्थानीय प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पानीपत शहर के भीतर एक प्रमुख प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर दूषित और खाने अयोग्य सामग्री बरामद हुई। इस पूरी कार्रवाई से स्थानीय मिष्ठान विक्रेताओं और कारोबारियों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है, जो नियमों को ताक पर रखकर मिठाइयां तैयार कर रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह प्रशासनिक कार्रवाई सोमवार को अमल में लाई गई, जब विभाग की विशेष टीम ने हरी नगर के पास 25 फुटा रोड की लोकेशन पर स्थित श्रीराम मिष्ठान भंडार का रुख किया। पर्वों के सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत की शिकायतों और आशंकाओं को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान दुकान के भीतर का जो नजारा सामने आया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया, क्योंकि वहां तैयार की जा रही मिठाइयों की गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुई।
छापेमारी के दौरान मिला कमियों का अंबार और संदिग्ध सामग्री
निरीक्षण दल ने जब प्रतिष्ठान के अंदर जाकर मिठाई निर्माण की प्रक्रिया और भंडारित माल की पड़ताल की, तो वहां गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर लगभग 100 किलोग्राम डोडा बर्फी बनाने के लिए कच्चा और तैयार मिश्रण रखा हुआ था। इसके साथ ही करीब 50 किलोग्राम अन्य मीठा पदार्थ भी संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। इस सारी सामग्री की भौतिक जांच करने पर उसमें से तीव्र दुर्गंध आती हुई महसूस हुई और रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण बुलबुले भी उठते दिखाई दिए, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण था कि वह खाद्य पदार्थ सड़ चुका है या खराब हो चुका है।
तथ्यों की गंभीरता को भांपते हुए टीम ने किसी भी जनस्वास्थ्य जोखिम से बचने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाया। अधिकारियों के निर्देश पर उस संपूर्ण 150 किलोग्राम दूषित सामग्री को दुकान के बाहर ही नष्ट करवा दिया गया ताकि वह किसी भी सूरत में ग्राहकों की थाली तक न पहुंच सके। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान पर पहले से तैयार रखी गई अन्य मिठाइयों के कानूनी नमूने (सैंपल्स) भी सुरक्षित रूप से सील किए गए, जिन्हें अब प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
| कार्रवाई का विवरण | तथ्य एवं आंकड़े |
|---|---|
| स्थान | हरी नगर, 25 फुटा रोड, पानीपत |
| प्रतिष्ठान का नाम | श्रीराम मिष्ठान भंडार |
| नष्ट की गई सामग्री | 150 किलो (100 किलो डोडा बर्फी मटेरियल + 50 किलो मीठा पदार्थ) |
| प्रमुख खामियां | तेज दुर्गंध, बुलबुले उठना और अमानक स्थिति |
प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े तेवर और लगातार जारी अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विक्रम ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अभियानों का मुख्य उद्देश्य त्योहारी दिनों में उपभोक्ताओं के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें लगातार शहर भर की विभिन्न दुकानों, डेयरियों और मिष्ठान निर्माताओं के प्रतिष्ठानों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। किसी भी स्तर पर यदि नियमों की अवहेलना या जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ पाया जाता है, तो बिना किसी नरमी के सीधे विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
"त्योहारों की खुशियों के बीच आम नागरिकों की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे तुरंत नष्ट किया जा रहा है और कानूनी प्रक्रिया के तहत नमूने लेकर जांच हेतु भेजे जा रहे हैं, ताकि दोषियों तक उचित संदेश पहुंचे।" - डॉ. विक्रम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
लगातार तीसरे दिन की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में मचा हड़कंप
यह उल्लेखनीय है कि पानीपत जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा इस प्रकार की ताबड़तोड़ छापेमारी का यह लगातार तीसरा दिन है, जिससे शहर के तमाम मिठाई विक्रेताओं में सतर्कता और डर का माहौल बना हुआ है। इस अभियान के पहले चरण में यानी गत 31 अक्टूबर को बेरी वाली मस्जिद के नजदीक स्थित एक अन्य मिठाई विक्रेता के यहां से लगभग 120 किलोग्राम गुलाब जामुन को पूरी तरह नष्ट करवाया गया था। इसके ठीक अगले दिन टीम ने एक अन्य स्थान पर दबिश देकर करीब 140 किलोग्राम रसगुल्लों को भी अमानक मानकर नष्ट कर दिया था। अब श्रीराम मिष्ठान भंडार पर हुई इस ताजा कार्रवाई ने कुल मिलाकर यह साबित कर दिया है कि प्रशासन मिलावट के इस काले कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह गंभीर और तत्पर है।




