दीपावली और छठ पर्व के पावन अवसर पर अपने पैतृक निवास जाने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासियों के लिए भारतीय रेल ने एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। त्योहारी मौसम में यात्री गाड़ियों में होने वाली अत्यधिक भीड़-भाड़ और लंबी प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की समस्या से निपटने के लिए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच (डिब्बे) जोड़ने का निर्णय लिया है। इस पहल से हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से यूपी-बिहार की ओर सफर करने वाले हजारों दैनिक व त्योहारी यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगामी पर्वों के दौरान डिमांड में अचानक हुए इजाफे की वजह से कई मुख्य ट्रेनों में वेटिंग टिकट का आंकड़ा 300 से 400 तक पहुंच चुका है। इसी स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन ने 18 कोच वाली नियमित गाड़ियों में 2 से 4 अतिरिक्त डिब्बे बढ़ाकर यात्रियों को सहूलियत देने की कार्ययोजना तैयार की है।
रेलवे प्रशासन का फैसला: वेटिंग लिस्ट से यात्रियों को मिलेगी राहत
अमूमन दीपावली और छठ पूजा के आसपास उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से पूर्वांचल तथा बिहार की ओर जाने वाली गाड़ियों में यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़ जाता है। वर्तमान स्थिति यह है कि कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के टिकट पूरी तरह बुक हो चुके हैं। इस दबाव को नियंत्रित करने के लिए अंबाला मंडल के तहत संचालित होने वाली गाड़ियों में क्षमता अनुसार अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जा रहे हैं।
तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़े जाने से लगभग 80 यात्रियों को कन्फर्म बर्थ प्राप्त होती है। यदि किसी ट्रेन में तीन डिब्बे बढ़ा दिए जाएं तो करीब 240 यात्री अतिरिक्त सीटों पर आराम से सफर कर सकते हैं। इस कदम से केवल आरक्षित श्रेणियों के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि अनारक्षित श्रेणियों में यात्रा करने वाले नागरिकों को भी सीधी राहत मिलेगी।
| ट्रेन का नाम व विवरण | मुख्य रूट | प्रस्तावित कोच विस्तार | यात्रियों को संभावित लाभ |
|---|---|---|---|
| चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस | चंडीगढ़ से पूर्वांचल/असम | 2 से 3 अतिरिक्त कोच | कन्फर्म स्लीपर सीट उपलब्ध |
| चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस | चंडीगढ़ से पटना/बिहार | 2 से 4 अतिरिक्त डिब्बे | लंबी वेटिंग लिस्ट में बड़ी कमी |
| अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस | अंबाला होकर बिहार | अतिरिक्त स्लीपर कोच | त्योहारी यात्रियों को सुगम यात्रा |
विभिन्न रूट्स पर ट्रेनों की क्षमता वृद्धि और डिब्बों का आवंटन
रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत ट्रेनों की तकनीकी संरचना के आधार पर कोच बढ़ाने की सीमा तय की गई है। आधुनिक एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोच वाली ट्रेनों की क्षमता बढ़ाकर अधिकतम 22 डिब्बों तक की जा रही है, जबकि पारंपरिक आईसीएफ (Integral Coach Factory) डिब्बों वाली ट्रेनों को 24 कोच तक विस्तारित करने की योजना है। हालांकि, किस गाड़ी में कितने अतिरिक्त डिब्बे लगेंगे, यह उस ट्रेन के रैक उपलब्धता और रूट की क्षमता के आधार पर तय होगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अंबाला मंडल की ओर से ट्रेनों की सूची और अतिरिक्त कोच की आवश्यकता की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। जैसे-जैसे त्यौहार निकट आएंगे और टिकटों की मांग बढ़ेगी, उस अनुसार त्वरित गति से डिब्बे जोड़कर यात्रियों को राहत दी जाएगी।
"त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित और सुगम तरीके से पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। लंबी वेटिंग लिस्ट को कम करने के लिए प्रमुख ट्रेनों में क्षमता अनुसार अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं।" - रेलवे प्रवक्ता, अंबाला मंडल
स्थानीय जनजीवन और यात्रियों पर प्रभाव
दीपावली और छठ पर्व के दौरान हरियाणा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्वांचली नागरिक और श्रमिक अपने गृह राज्य लौटते हैं। अंबाला, चंडीगढ़ और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इस दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। ट्रेनों की क्षमता में वृद्धि होने से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर बनने वाली अफरा-तफरी की स्थिति पर भी अंकुश लगेगा।
इसके अलावा, स्टेशनों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को सतर्क कर दिया गया है। भीड़ को देखते हुए प्लेटफॉर्मों पर कतारबद्ध तरीके से यात्रियों को प्रवेश दिलाने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
आगे की प्रशासनिक कार्रवाई व आगामी कदम
रेलवे प्रशासन द्वारा त्यौहारों के दौरान मांग की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि अतिरिक्त कोच लगाने के बाद भी वेटिंग लिस्ट कम नहीं होती है, तो उत्तर रेलवे द्वारा विशेष फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने पर भी विचार किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा से पूर्व एनआईईएस (NTES) या रेलवे पूछताछ सेवा के माध्यम से अपनी सीट की अद्यतन स्थिति जांच लें।




