पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र ने खेल के मैदान में एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय इसराना के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने आठवीं हरियाणा राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद खो-खो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करके पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ग्रामीण आंचल से ताल्लुक रखने वाले इन नन्हे खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल कौशल और अनुशासन का परिचय देते हुए यह मुकाम हासिल किया है, जिसकी चारों तरफ सराहना हो रही है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद से न केवल इसराना बल्कि पूरे पानीपत खेल जगत में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
सोमवार को जब विजेता खिलाड़ी अपने गृह विद्यालय पहुंचे, तो वहां का दृश्य बेहद उत्साहजनक था। स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और ग्रामीण क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया। इस उपलब्धि में मनाना गांव के खिलाड़ियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनके सामूहिक प्रयासों से पानीपत की टीम ने फाइनल मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों ने खिलाड़ियों को माला पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर उनका हौसला बढ़ाया।
कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट रणनीति से हासिल हुआ स्वर्ण पदक
आठवीं राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन राज्य स्तर पर किया गया था, जिसमें प्रदेशभर की चुनिंदा टीमों ने हिस्सा लिया था। पानीपत जिले का प्रतिनिधित्व कर रही टीम ने शुरुआती दौर से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव बनाए रखा। टीम के खिलाड़ियों सुशांत और हितेश ने अपनी चुस्ती, फुर्ती और शानदार रणनीति के बल पर निर्णायक क्षणों में बेहतरीन अंक बटोरे और स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा जमाया। कोच के मार्गदर्शन में इन खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से पहले कड़ी मेहनत और पसीना बहाया था, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
इस प्रतियोगिता में केवल लड़कों की टीम ही नहीं, बल्कि पानीपत की बालिकाओं की खो-खो टीम ने भी अद्भुत प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों का सामना करते हुए पानीपत की लड़कियों की टीम ने प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिकाओं के इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि पानीपत जिले की बेटियां भी किसी से पीछे नहीं हैं और उन्हें उचित मंच मिलने पर वे राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
| प्रतियोगिता विवरण | विजेता श्रेणी / विवरण |
|---|---|
| प्रतियोगिता का नाम | आठवीं हरियाणा राज्य स्तरीय स्कूली खेलकूद खो-खो प्रतियोगिता |
| स्थान प्राप्तकर्ता विद्यालय | राजकीय प्राथमिक विद्यालय इसराना |
| स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी | सुशांत और हितेश (इसराना व मनाना) |
| लड़कों की टीम का स्थान | प्रथम स्थान (स्वर्ण पदक) |
| लड़कियों की टीम का स्थान | तृतीय स्थान |
खेल शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की प्रेरणा से मिली सफलता
खिलाड़ियों की इस अप्रत्याशित सफलता के पीछे स्कूल के शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण जुड़ा है। टीम के कोच रविंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों ने अभ्यास के दौरान जरा भी ढिलाई नहीं बरती और अनुशासन को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना कोई आसान काम नहीं होता, इसके लिए खिलाड़ियों ने हफ्तों तक मैदान पर घंटों पसीना बहाया था। स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने भी खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ऐसे होनहार बच्चे आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
अभिनंदन समारोह के दौरान स्कूल के डीपीई अजय कुमार और बीर सिंह ने भी खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें समय पर सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इन शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों से ही आज इसराना का नाम राज्य के खेल मानचित्र पर स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है।
"हमारे बच्चों ने राज्य स्तर पर खो-खो में स्वर्ण पदक जीतकर स्कूल और पूरे पानीपत जिले का नाम रोशन किया है। यह जीत अनुशासन और कठोर परिश्रम का परिणाम है। हमें अपने विद्यार्थियों और उनके प्रशिक्षकों पर गर्व है।" - सुरेश कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय प्राथमिक विद्यालय इसराना
स्थानीय युवाओं में जगा खेल के प्रति नया उत्साह और प्रशासनिक समर्थन की उम्मीद
इस बड़ी जीत का प्रभाव अब इसराना और आसपास के ग्रामीण अंचल के युवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुशांत और हितेश की इस सफलता को देखकर क्षेत्र के अन्य स्कूली बच्चों में भी खेलकूद के प्रति भारी उत्साह पैदा हो गया है। स्थानीय अभिभावकों का मानना है कि इस प्रकार की खेल उपलब्धियां बच्चों को मोबाइल और अन्य नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का काम करती हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ग्रामीण इलाकों के खेल मैदानों और बुनियादी सुविधाओं में और अधिक सुधार किया जाए ताकि भविष्य में और भी अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सके।
आने वाले दिनों में जिला प्रशासन और खेल विभाग द्वारा भी इन विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने की संभावना है। पानीपत लाइव की ग्राउंड टीम मानती है कि इस प्रकार की खबरें समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। खेल को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के प्रेरणादायक उदाहरण अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे।




