महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से पानीपत जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया का आरंभ किया गया है। इस भर्ती अभियान के अंतर्गत कुल 180 रिक्त पदों को भरा जाना है, जिसके लिए स्थानीय योग्य महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन रिक्तियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के पद शामिल हैं। लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रही पात्र महिलाओं के लिए यह एक बेहतरीन अवसर माना जा रहा है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी खास बात यह है कि इसे पूरी तरह से ऑफलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल्स के बजाय इच्छुक महिलाओं को अपने आवेदन पत्र तय किए गए संबंधित कार्यालयों में जाकर ही जमा करवाने होंगे। प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आवेदन जमा होने के बाद सबसे पहले दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। इसके उपरांत नियमानुसार मेरिट लिस्ट तैयार होगी और अंत में चयनित अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
योग्यता मानदंड और आयु सीमा के विस्तृत प्रावधान
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए विभाग ने शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के स्पष्ट पैमाने तय किए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कुल 52 पदों के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं का कम से कम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिका के 128 पदों के वास्ते न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। इसके अतिरिक्त, आवेदकों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी, जिसके तहत न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, शासन के मौजूदा नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त के अनुसार, आवेदन करने वाली प्रत्येक महिला को उसी स्थानीय ग्राम पंचायत या संबंधित शहरी वार्ड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है, जिस क्षेत्र के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र का पद विज्ञापित किया गया है। अन्य क्षेत्र की महिलाओं के आवेदन मान्य नहीं होंगे। आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता की अंकतालिकाएं व प्रमाण पत्र, जरूरत पड़ने पर जाति प्रमाण पत्र, और यदि कोई अनुभव प्रमाण पत्र हो तो उसकी सत्यापित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।
| पद का नाम | कुल पद | शैक्षणिक योग्यता | आयु सीमा |
|---|---|---|---|
| आंगनबाड़ी कार्यकर्ता | 52 | 12वीं पास | 18 से 42 वर्ष |
| आंगनबाड़ी सहायिका | 128 | 10वीं पास | 18 से 42 वर्ष |
आवेदन पत्र जमा करने के लिए निर्धारित किए गए विशेष कार्यालय
विभागीय निर्देशों के मुताबिक पानीपत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से आवेदन जमा करने के लिए विशिष्ट कार्यालय तय किए गए हैं, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पानीपत शहरी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली महिलाएं पुरानी तहसील स्थित कार्यालय में अपने दस्तावेज जमा करा सकती हैं। इसी प्रकार पानीपत ग्रामीण क्षेत्र के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल के डाइट भवन की पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय को चुना गया है। इसराना क्षेत्र की महिलाएं निहाल गार्डन के पास मंडी रोड स्थित कार्यालय में अपने फॉर्म दे सकती हैं।
बापौली क्षेत्र के अंतर्गत एसबीआई बैंक के समीप स्थित कार्यालय में दस्तावेज जमा होंगे, जबकि मतलौडा इलाके की उम्मीदवार जगदा कॉम्प्लेक्स के पास और आईसीएसी कोचिंग सेंटर के नजदीक वाइसर रोड स्थित कार्यालय में आवेदन सौंप सकती हैं। समालखा क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिनी सचिवालय के कमरा नंबर 202 में आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने सभी कागजात पूरी तरह से तैयार करके सही पते पर ही जमा करवाएं।
"महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आंगनबाड़ी पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी योग्य महिलाओं से अपील है कि वे निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हुए अपने क्षेत्रीय कार्यालय में समय से आवेदन जमा करें।" - प्रशासनिक सूत्र
स्थानीय स्तर पर जनजीवन और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव
इस भर्ती के धरातल पर उतरने से पानीपत जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में महिलाओं के बीच सकारात्मक उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलने से न केवल महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर बाल विकास और पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं में और अधिक सुधार होने की उम्मीद है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।




