सोमवार, 2 नवंबर 2026
24 घंटे में ट्रेंडिंग:
समालखा

पानीपत की मंडियों में 2.06 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा, साठ फीसदी से अधिक का उठान पूरा

पानीपत जिले की मंडियों में धान की आवक सवा दो लाख मीट्रिक टन के करीब पहुंच गई है, जहां एजेंसियों द्वारा अधिकांश फसल का उठान कर लिया गया है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
2 नवंबर 2026 को 02:01 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
शेयर करें:
पानीपत की मंडियों में 2.06 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा, साठ फीसदी से अधिक का उठान पूरा
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •पानीपत जिले की आठ मंडियों में अब तक कुल 2.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की बंपर आवक दर्ज की गई है।
  • •विभिन्न सरकारी और निजी माध्यमों से कुल 1,93,950.1 मीट्रिक टन धान की खरीद सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।
  • •सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न का लगभग 60.98 प्रतिशत हिस्सा गोदामों व मिलों तक पहुंचाया गया है।
  • •प्रशासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अनाज मंडियों में सुचारू उठान के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

धान के सीजन के दौरान पानीपत जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में इन दिनों खाद्यान्न की खरीद और उसके सुरक्षित भंडारण की प्रक्रिया पूरी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। जिले की कुल आठ विभिन्न मंडियों में अब तक किसानों की तरफ से लाई गई फसल का आंकड़ा दो लाख मीट्रिक टन के निशान को पार कर चुका है। स्थानीय कृषि बाजार में किसानों की सक्रियता और आवक में लगातार तेजी को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित खरीद एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क मुद्रा में नजर आ रही हैं ताकि अन्नदाताओं को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन के दौरान मंडियों में कुल आवक 2.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक दर्ज की जा चुकी है, जिसमें से कुल 1,93,950.1 मीट्रिक टन धान की खरीद का कार्य मुकम्मल किया जा चुका है। खरीद के इस बड़े आंकड़े में निजी मिलरों और डीलरों की भूमिका सबसे बड़ी रही है, जिन्होंने अकेले ही 1.78 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की है। इसके मुकाबले सरकारी एजेंसियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए तय मानकों के तहत खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।

मंडियों के अनुसार फसल की आवक और विभिन्न किस्मों का विवरण

पानीपत जिले के विभिन्न खरीद केंद्रों पर अलग-अलग किस्मों के धान की आवक में विविधता देखने को मिल रही है। मंडियों में सबसे अधिक मांग और आवक पारंपरिक 1509 किस्म की रही है, जिसकी कुल मात्रा 1,56,954 मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा पीआर धान की 20,302 मीट्रिक टन, सुगंधित बासमती तथा 1121 किस्म की 22,184 मीट्रिक टन, मुच्छल धान की 7,521 मीट्रिक टन और सरबती किस्म की 19.5 मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई है। भौगोलिक स्थिति के हिसाब से समालखा मंडी 1,09,565 मीट्रिक टन की बंपर आवक के साथ जिले में सबसे पहले स्थान पर बनी हुई है, जबकि पानीपत मुख्य मंडी में 33,752.5 मीट्रिक टन और मतलौडा मंडी में 26,404 मीट्रिक टन धान की खेप पहुंच चुकी है।

सरकारी क्षेत्र की बात करें तो हैफेड ने 4,900.8 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (एचडब्ल्यूसी) ने 10,582.3 मीट्रिक टन धान की सीधी खरीद की है। खरीद के उपरांत मंडियों से माल के उठान की स्थिति पर नजर डालें तो हैफेड ने 3,519.27 मीट्रिक टन और एचडब्ल्यूसी ने 5,922.1 मीट्रिक टन धान का सुरक्षित उठान किया है। कुल मिलाकर सरकारी एजेंसियों ने अपने कोटे की खरीद का 60.98 प्रतिशत हिस्सा मंडियों से उठवा लिया है, जबकि शेष 6,041.73 मीट्रिक टन धान अभी भी उठान की प्रतीक्षा में विभिन्न परिसरों में रखा हुआ है।

एजेंसी / विवरणखरीद मात्रा (मीट्रिक टन)उठान मात्रा (मीट्रिक टन)
निजी मिलर व डीलर1,78,467लागू नहीं (निजी परिवहन)
हैफेड (HAFED)4,900.83,519.27
हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन10,582.35,922.1

किसान संगठनों की चिंताएं और मंडियों में बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा

मंडियों में धान की भारी आवक के बीच उठान की गति धीमी रहने से स्थानीय किसानों और आढ़तियों के मन में असमंजस की स्थिति बननी शुरू हो गई है। समालखा के प्रगतिशील किसान राममेहर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर माल का उठान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में मंडियों के अंदर जगह का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि राises मिलों और अधिकृत गोदामों तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों की आवाजाही को और अधिक सुगम व तीव्र बनाया जाए ताकि नए किसानों को अपनी उपज उतारने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इसी प्रकार इसराना क्षेत्र के किसान बलजीत सिंह का कहना है कि इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसके चलते खुले आसमान के नीचे या प्लेटफार्मों पर पड़े धान को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। किसानों का मानना है कि यदि प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त नहीं किया, तो नमी या अचानक बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीण इलाकों से आ रही इन प्रतिक्रियाओं ने प्रशासनिक मशीनरी की जिम्मेदारियों को और अधिक बढ़ा दिया है।

"जिला प्रशासन मंडियों में धान की आवक, उसकी सटीक तुलाई, समय पर उठान और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया की रोजाना व्यक्तिगत तौर पर समीक्षा कर रहा है। सभी संबंधित खरीद एजेंसियों जैसे हैफेड और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे उठान के कार्य में तेजी लाएं ताकि मंडियों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बने।" - डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त, पानीपत

प्रशासनिक सतर्कता और आगामी कार्ययोजना

किसानों की चिंताओं और जमीनी हकीकत का संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सभी संबंधित विभागों की आपात बैठक बुलाई है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंडियों से धान का उठाव युद्ध स्तर पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक दाने की खरीद पारदर्शी तरीके से हो और किसानों को अपनी फसल का भुगतान तय समय सीमा के भीतर प्राप्त हो। जिला प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब ट्रांसपोर्टर्स और मिल मालिकों पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे अपने वाहनों के फेरे बढ़ाएं ताकि गोदामों तक समय पर अनाज पहुंच सके।

आगामी दिनों में मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि विभाग और मार्केट कमेटी के सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में जल निकासी, तिरपाल की उपलब्धता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के इन सख्त कदमों से आने वाले हफ्तों में स्थिति में और अधिक सुधार होने की पूरी उम्मीद है, जिससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी बल्कि मंडियों में व्यवस्था भी पूरी तरह से पटरी पर बनी रहेगी।

इस खबर को अपने दोस्तों व ग्रुप्स में शेयर करें:
व्हाट्सएप

पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

पानीपत शहर, समालखा, मतलौडा, इसराना, सनौली व टेक्सटाइल हब की 24x7 ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम

पानीपत लाइव (panipatlive.com) पानीपत जिले का प्रमुख और स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क है। हमारी संपादकीय टीम का मुख्य उद्देश्य पानीपत के नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं तक धरातल की हर प्रमाणित और निष्पक्ष खबर सबसे पहले पहुंचाना है।

पानीपत की मंडियों में 2.06 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा, साठ फीसदी से अधिक का उठान पूरा | पानीपत लाइव - Panipat Live